सत्यजीत राय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान भारत सरकार

आंतरिक समिति

कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013, उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों तथा समय-समय पर यथासंशोधित यूजीसी (उच्चतर शैक्षणिक संस्थानों में महिला कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लैंगिक उत्पीड़न का निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) विनियम, 2015 के प्रावधानों के अनुसरण में, सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई) की निम्नलिखित आंतरिक समिति (IC) का तत्काल प्रभाव से पुनर्गठन किया जाता है:

समिति का गठन:

क्र. सं. नाम पद संपर्क नं.
1 डॉ. संजुक्ता रे पहाड़ी, पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी पीठासीन अधिकारी 9831841822
2 श्री शिलादित्य सान्याल, प्रोफेसर, ईडीएम हेतु निर्देशन एवं निर्माण सदस्य 9830343195
3 श्री शांतनु पाल, एसोसिएट प्रोफेसर, ईडीएम हेतु संपादन सदस्य 9830652443
4 मौमिता रॉय, सहायक प्रोफेसर, ईडीएम हेतु ध्वनि सदस्य 9433403114
5 सुश्री एलिस कुमारी, हिंदी टंकक सदस्य 9038553049
6 सुश्री अमृता दासगुप्ता, सदस्य, स्वयं (एनजीओ) बाह्य सदस्य 9007816503
7 सुश्री वनीता पटनायक, एसोसिएट प्रोफेसर, पश्चिम बंगाल राष्ट्रीय न्यायिक विज्ञान विश्वविद्यालय, कोलकाता बाह्य सदस्य
8 तीन विद्यार्थी प्रतिनिधि (संस्थान की प्रक्रिया के अनुसार निर्वाचित) सदस्य
  1. समिति तत्काल प्रभाव से कार्य करेगी और इस आदेश के जारी होने की तिथि से तीन (03) वर्ष की अवधि तक पद पर बनी रहेगी, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा इसका पुनर्गठन पहले न कर दिया जाए। विद्यार्थी प्रतिनिधियों का कार्यकाल उनकी विद्यार्थिता की अवधि तक अथवा नए निर्वाचन होने तक, जो भी पहले हो, रहेगा।
  2. विद्यार्थी प्रतिनिधि केवल विद्यार्थियों से संबंधित मामलों में भाग लेंगे और संस्थान के कर्मचारियों से संबंधित कार्यवाहियों में शामिल नहीं होंगे।
  3. समिति कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013, उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों तथा समय-समय पर यथासंशोधित यूजीसी विनियम, 2015 के प्रावधानों के अनुसार लैंगिक उत्पीड़न संबंधी शिकायतें प्राप्त करेगी, उनकी जांच करेगी तथा उन पर कार्रवाई की अनुशंसा करेगी।
  4. समिति उपर्युक्त अधिनियम, नियमों और विनियमों में परिकल्पित निवारक, जागरूकता, संवेदीकरण तथा लैंगिक समानता संबंधी उपाय करेगी।
  5. पूर्ववर्ती आंतरिक समिति के समक्ष लंबित सभी शिकायतें, अभिलेख, कार्यवाहियां तथा अन्य मामले इस पुनर्गठित आंतरिक समिति को हस्तांतरित माने जाएंगे और वे वर्तमान में जिस चरण में हैं, उसी चरण से आगे जारी रहेंगे। इससे पूर्व में की गई किसी भी कार्रवाई की वैधता प्रभावित नहीं होगी।