स्क्रीन अकादमी मास्टरक्लास में मैक्सिमा बसु के साथ एसआरएफटीआई फेलोज़ ने प्राप्त की उद्योग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ
छात्रवृत्ति से पहचान तक – स्क्रीन अकादमी मास्टरक्लास में मैक्सिमा बसु के साथ एसआरएफटीआई फेलोज़ ने प्राप्त की उद्योग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ
सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एसआरएफटीआई) स्क्रीन अकादमी, जो द इंडियन एक्सप्रेस समूह की एक अग्रणी गैर-लाभकारी पहल है, के साथ अपनी साझेदारी के माध्यम से उभरते हुए फिल्मकारों के लिए सार्थक अवसर उपलब्ध कराता रहा है। इसी सहयोग के अंतर्गत एसआरएफटीआई के स्नातकोत्तर फेलोज़ ने हाल ही में मुंबई में आयोजित एक प्रेरणादायक मास्टरक्लास में भाग लिया। इस मास्टरक्लास का संचालन फिल्म उद्योग की प्रतिष्ठित विशेषज्ञ सुश्री मैक्सिमा बसु ने किया, जिसका उद्देश्य भावी सिनेमा पेशेवरों को प्रेरित एवं सशक्त बनाना था।
इस शिक्षाप्रद कार्यक्रम में फिल्म विंग के 22वें बैच का प्रतिनिधित्व करते हुए अश्विन सुनील (सिनेमैटोग्राफी), सैकत पात्र (डायरेक्शन एंड स्क्रीनप्ले राइटिंग) तथा श्रेष्ठा मजूमदार (एनीमेशन सिनेमा) ने भाग लिया। स्क्रीन अकादमी के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में फेलोज़ ने सार्थक संवादों में सहभागिता की, फिल्म उद्योग से जुड़े बहुमूल्य अनुभव प्राप्त किए तथा समकालीन फिल्म निर्माण के रचनात्मक और व्यावसायिक आयामों की गहन समझ विकसित की।
एसआरएफटीआई और स्क्रीन अकादमी के बीच यह साझेदारी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर फेलोशिप, मार्गदर्शन तथा उद्योग से जुड़ाव के अवसर उपलब्ध कराने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आर्थिक सहयोग से आगे बढ़कर ऐसी पहलें युवा फिल्मकारों को उद्योग के अग्रणी विशेषज्ञों के साथ संवाद का अवसर प्रदान करती हैं, जिससे उनकी सृजनात्मक दृष्टि सुदृढ़ होती है और वे फिल्म एवं मीडिया उद्योग में सफल पेशेवर जीवन के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो पाते हैं।
एसआरएफटीआई एनीमेशन, सिनेमैटोग्राफी, निर्देशन तथा पटकथा लेखन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्टता को निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ फिल्म उद्योग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हो सके।
अश्विन सुनील, सैकत पात्र और श्रेष्ठा मजूमदार को इस उत्कृष्ट अवसर का पूर्ण लाभ उठाने के लिए हार्दिक बधाई। आपका समर्पण, सृजनात्मकता और कहानी कहने के प्रति आपका जुनून एसआरएफटीआई की मूल भावना का सशक्त प्रतिबिंब है। हम आपके उज्ज्वल सिनेमाई भविष्य की कामना करते हैं और आशा करते हैं कि आपकी उपलब्धियाँ आने वाली पीढ़ियों के फिल्म विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, निरंतर सीखने और भारतीय तथा वैश्विक सिनेमा के भविष्य को नई दिशा देने के लिए प्रेरित करती रहेंगी।












