एसआरएफटीआई के पूर्व छात्र का राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘सुनीता’ में योगदान: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सृजनात्मक उत्कृष्टता का उत्सव

SRFTI Alumni Contributes National Award-Winning Film Sunita - the 72nd National Film Awards

एसआरएफटीआई के पूर्व छात्रों का राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘सुनीता’ में योगदान: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सृजनात्मक उत्कृष्टता का उत्सव

सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एसआरएफटीआई) 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि का गर्वपूर्वक उत्सव मना रहा है। युमनाम अजीत सिंह द्वारा निर्देशित ‘सुनीता’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (2026) में सर्वश्रेष्ठ मणिपुरी फिल्म का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इस राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म की सफलता में एसआरएफटीआई के पूर्व छात्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह उपलब्धि एसआरएफटीआई की बहुविषयक सिनेमाई शिक्षा की उत्कृष्टता तथा उसके पूर्व छात्रों द्वारा भारतीय सिनेमा में दिए जा रहे स्थायी एवं प्रभावशाली योगदान को रेखांकित करती है।

इस परियोजना को आकार देने में संस्थान के चार प्रतिभाशाली पूर्व छात्रों की रचनात्मक विशेषज्ञता का महत्वपूर्ण योगदान रहा। एबिसन युमनाम ने एसोसिएट डायरेक्टर के रूप में कार्य किया, जबकि हिरण्मय गोगोई ने एडिटर एवं एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर की जिम्मेदारी निभाई। दोनों एसआरएफटीआई के इलेक्ट्रॉनिक एंड डिजिटल मीडिया (ईडीएम) विंग के तृतीय बैच के पूर्व छात्र हैं और क्रमशः डायरेक्शन एंड प्रोड्यूसिंग तथा एडिटिंग में विशेषज्ञता रखते हैं। फिल्म की प्रभावशाली दृश्य-भाषा का सृजन निहाल भंडारी ने सिनेमैटोग्राफर के रूप में किया, जबकि मीनाक्षी सोमन ने असिस्टेंट सिनेमैटोग्राफर के रूप में योगदान दिया। दोनों एसआरएफटीआई के फिल्म विंग के सिनेमैटोग्राफी विभाग के 16वें बैच के स्नातक हैं।

इन पूर्व छात्रों की सामूहिक उपलब्धि एसआरएफटीआई में विकसित सहयोगात्मक कार्यसंस्कृति, तकनीकी उत्कृष्टता और सृजनात्मक दृष्टि का सशक्त उदाहरण है। संस्थान निरंतर ऐसे फिल्मकार तैयार कर रहा है जो सिनेमाई कहानी कहने के प्रत्येक आयाम में उत्कृष्टता प्राप्त कर भारतीय सिनेमा को समृद्ध बना रहे हैं।

The recognition of Sunita at the National Film Awards is not only a celebration of outstanding filmmaking but also a testament to the power of teamwork and professional training. It reinforces SRFTI’s growing legacy of producing filmmakers who contribute meaningfully to Indian cinema, regional films, and the evolving landscape of visual storytelling.

Congratulations to Abison Yumnam, Hiranmoy Gogoi, Nihal Bhandari, and Meenakshi Soman. Your achievements inspire the entire SRFTI community and encourage the next generation of filmmakers to dream boldly, collaborate passionately, and tell stories that leave a lasting impact.